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25–40 साल के युवाओं में हार्ट अटैक क्यों बढ़ रहे हैं? जानिए 10 बड़े कारण

मार्च 28, 2026, 7:18 बजे
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25–40 साल के युवाओं में हार्ट अटैक क्यों बढ़ रहे हैं? जानिए 10 बड़े कारण

 पिछले हफ्ते की बात है मैं अपने एक पुराने दोस्त के साथ कैफे में बैठी थी हम अपनी पुरानी यादों और आने वाले कल की प्लानिंग में मशगूल थे कि अचानक पास की टेबल पर एक शोर उठा एक 28 साल का लड़का, जो देखने में बिल्कुल फिट और एथलेटिक लग रहा था अचानक अपनी छाती पकड़कर नीचे गिर गया उस वक्त जो खौफ मैंने लोगों की आंखों में देखा वो रूह कंपा देने वाला था

आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों हो रहा है क्यों आज 25 से 40 साल के नौजवान जो अपनी लाइफ के प्राइम में हैं, अचानक इस दुनिया को अलविदा कह रहे हैं सोशल मीडिया खोलते ही किसी सेलिब्रिटी या किसी पड़ोसी के अचानक हार्ट अटैक की खबर अब आम हो गई है यह सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं है, बल्कि एक गहरी और डरावनी हकीकत है जिसे हम 'कल देखेंगे' कहकर टाल रहे हैं

दिखावे की फिट्नेस या अंदरूनी खोखलापन?

हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ हसल कल्चर यानी हर वक्त भागते रहने को ही कामयाबी माना जाता है राहुल को ही देख लीजिए 32 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिन में 10 घंटे की शिफ्ट, रात को देर तक जागकर ओटीटी पर वेब सीरीज देखना और वीकेंड पर स्ट्रेस दूर करने के नाम पर हेवी पार्टी करना राहुल को लगता है कि वो 'कूल' लाइफ जी रहा है लेकिन उसके शरीर के अंदर एक प्रेशर कुकर जैसी स्थिति बन रही है

दिक्कत यह है कि हमें लगता है कि जिम जाने और प्रोटीन शेक पीने से हम अमर हो गए हैं लेकिन हम भूल जाते हैं कि दिल सिर्फ मसल्स से नहीं बल्कि शांति और सही तालमेल से चलता है। आज का युवा फिजिकली फिट दिखने की होड़ में इंटरनली खोखला होता जा रहा है समस्या सिर्फ कोलेस्ट्रॉल नहीं है; समस्या वो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन है जो हमारी रगों में दौड़ रहा है

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यह इतना मुश्किल क्यों लगता है

जब हम सेहत की बात करते हैं, तो हमें लगता है कि हमें अपनी पूरी जिंदगी बदलनी होगी यह सोच ही हमें रोक देती है। ऊपर से इंटरनेट पर मौजूद आधी-अधूरी जानकारी का अंबार! कोई कहता है घी मत खाओ, कोई कहता है सिर्फ कीटो करो इस कन्फ्यूजन में हम वही करते हैं जो सबसे आसान है-यानी कुछ नहीं

एक चौंकाने वाली रिसर्च बताती है कि भारतीय लोगों के दिल की धमनियां पश्चिमी देशों के मुकाबले प्राकृतिक रूप से थोड़ी संकरी होती हैं इसका मतलब है कि हमारे पास मार्जिन ऑफ एरर बहुत कम है अगर हम थोड़ा भी लापरवाह होते हैं तो रिस्क कई गुना बढ़ जाता है हम अपनी जेनेटिक्स को तो नहीं बदल सकते लेकिन उस पर पड़ने वाले बोझ को जरूर कम कर सकते हैं यह सब एक इमोशनल खेल भी है हम अपने डर को दबाने के लिए और ज्यादा काम करते हैं, और ज्यादा कैफीन लेते हैं जो अंततः दिल पर भारी पड़ता है

कल से नहीं, आज से: दिल को रिबूट करने का प्लान

बदलाव के लिए पहाड़ तोड़ने की जरूरत नहीं है। बस कुछ छोटे लेकिन ठोस कदम उठाने होंगे

  • नींद के साथ गद्दारी बंद करें अक्सर हम सोचते हैं कि 4 घंटे सोकर भी हम काम चला लेंगे Sleep is for the weak जैसे कोट्स सिर्फ सुनने में अच्छे लगते हैं सच तो यह है कि जब आप सोते हैं तब आपका दिल खुद को रिपेयर करता है अगर आप लगातार 6 घंटे से कम सो रहे हैं तो आप सीधे तौर पर अपने दिल को खतरे में डाल रहे हैं कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद को अपना सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट मानिए एक अच्छी रात की नींद, अगले दिन के हजारों स्ट्रेस का इलाज है
  • जिम में ईगो लिफ्टिंग से बचें मुझे याद है मेरा एक कलीग जिम में सिर्फ इसलिए ज्यादा वजन उठाता था क्योंकि बगल वाला लड़का उससे ज्यादा उठा रहा था यह कॉम्पिटिशन आपके दिल के लिए जानलेवा हो सकता है। युवाओं में अचानक होने वाले अटैक का एक बड़ा कारण सप्लीमेंट्स और 'स्टेरॉयड' का अंधाधुंध इस्तेमाल भी है अपनी बॉडी को नेचुरल तरीके से बनने का समय दें सिक्स पैक एब्स से ज्यादा जरूरी एक धड़कता हुआ सेहतमंद दिल है
  • स्ट्रेस को मैनेज नहीं, एड्रेस करें हम अक्सर कहते हैं बहुत काम है स्ट्रेस तो होगा ही।" हम इसे अपनी पहचान बना लेते हैं लेकिन स्ट्रेस आपके खून में कोर्टिसोल बढ़ाता है जो धमनियों को सख्त कर देता है दिन में कम से कम 15 मिनट ऐसे निकालें जहाँ कोई स्क्रीन न हो कोई शोर न हो बस आप और आपकी सांसें। मानसिक शांति कोई लग्जरी नहीं, बल्कि जरूरत है
  • नमक और चीनी का छिपा हुआ जाल हम घर का खाना तो खाते हैं लेकिन साथ में पैकेज्ड नमकीन बिस्किट और सॉस का भी भरपूर इस्तेमाल करते हैं इनमें मौजूद सोडियम और छिपी हुई चीनी आपके ब्लड प्रेशर को चुपचाप बढ़ा देती है लेबल पढ़ना शुरू कीजिए। जितना प्रोसेस्ड खाना कम होगा, दिल उतना ही खुश रहेगा जुबान का स्वाद, दिल के लिए कड़वा हो सकता है
  • नियमित चेकअप: डरिए मत, जानिए ज्यादातर युवा डॉक्टर के पास तब जाते हैं जब समस्या गंभीर हो जाती है 25 की उम्र के बाद साल में एक बार बेसिक लिपिड प्रोफाइल और ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाएं यह 'बुढ़ापे' की बात नहीं है, यह स्मार्टनेस है जानकारी ही बचाव की पहली सीढ़ी है

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जो गलतियां लोग अक्सर करते हैं

हम सब कहीं न कहीं एक जैसे ही हैं हम सोचते हैं कि मैं तो स्मोकिंग नहीं करता मुझे क्या होगा? या मेरे परिवार में तो किसी को हार्ट प्रॉब्लम नहीं है स्मोकिंग न करना अच्छी बात है लेकिन क्या आप 8 घंटे लगातार एक ही जगह बैठे रहते हैं? सिटिंग को आजकल नया स्मोकिंग कहा जा रहा है

दूसरी बड़ी गलती है-लक्षणों को नजरअंदाज करना सीने में हल्की जलन को हम एसिडिटी समझकर एक ईनो पी लेते हैं और काम पर लग जाते हैं कभी-कभी वो जलन एसिडिटी नहीं, बल्कि दिल की पुकार होती है। हमें अपने शरीर की भाषा सीखनी होगी हम अपने फोन की बैटरी 1% होते ही चार्जर ढूंढते हैं, लेकिन शरीर के लो-बैटरी सिग्नल को अनसुना कर देते हैं

क्या कहते हैं हार्ट स्पेशलिस्ट

प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि युवाओं में बढ़ते मामलों के पीछे बैड लाइफस्टाइल के साथ-साथ पोस्ट-कोविड कॉम्प्लिकेशंस भी एक बड़ी वजह हो सकते हैं डॉ. सान्याल के अनुसार कोविड के बाद कई लोगों के खून में क्लॉटिंग की प्रवृत्ति बढ़ी है ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के अचानक हेवी एक्सरसाइज शुरू करना खतरनाक हो सकता है

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि हमें एयर पॉल्यूशन और माइक्रोप्लास्टिक्स जैसे बाहरी कारकों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए हालांकि ये हमारे हाथ में पूरी तरह नहीं हैं लेकिन एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट और घर के अंदर एयर प्यूरीफाइंग प्लांट्स लगाकर हम रिस्क को कुछ हद तक कम कर सकते हैं एक्सपर्ट्स की सीधी सलाह है अगर सीने में भारीपन जबड़े में दर्द या बिना वजह पसीना आए तो तुरंत अस्पताल पहुंचें गोल्डन ऑवर में इलाज जान बचा सकता है

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आपकी ज़िंदगी में यह कैसे काम करेगा

अब सवाल यह है कि कल सुबह से आप क्या बदलेंगे चलिए एक छोटा सा प्लान बनाते हैं। अगले 30 दिनों के लिए एक हार्ट-फ्रेंडली चैलेंज लेते हैं

  1. 30 मिनट वॉक: जिम नहीं जा सकते? कोई बात नहीं बस तेज चलें
  2. स्क्रीन-फ्री मील: खाना खाते वक्त फोन दूर रखें खाने का स्वाद लें, नोटिफिकेशन का नहीं
  3. पानी का हिसाब: दिन भर में कम से कम 3 लीटर पानी
  4. शुगर कट: चाय में चीनी आधी कर दें और बाहर के मीठे ड्रिंक्स को ना कहें

शुरुआत में यह बोरिंग लग सकता है आपको लगेगा कि इससे क्या ही होगा लेकिन याद रखिए आपकी धमनियां एक दिन में ब्लॉक नहीं होतीं और न ही एक दिन में साफ होंगी यह छोटे-छोटे बदलाव ही हैं जो आपको उस आईसीयू के बिस्तर से दूर रखेंगे

निष्कर्ष

जिंदगी बहुत खूबसूरत है और यह सिर्फ एक बार मिलती है हम करियर, पैसों और सोशल स्टेटस के पीछे इतना अंधे न हो जाएं कि उस दिल को ही भूल जाएं जो इस पूरी गाड़ी को चला रहा है आपका परिवार आपकी कामयाबी से ज्यादा आपकी मौजूदगी की परवाह करता है

आज जब आप सोने जाएं तो अपने दिल पर हाथ रखकर उसे थैंक यू कहें कि उसने आज भी आपके लिए बिना रुके काम किया और उससे वादा करें कि कल से आप उसका थोड़ा ज्यादा ख्याल रखेंगे आपका दिल आपकी सबसे कीमती संपत्ति है। इसे संभाल कर रखिए क्योंकि इसका कोई स्पेयर पार्ट ओरिजिनल जैसा नहीं होता

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q: युवाओं में अचानक हार्ट अटैक आने के मुख्य शुरुआती लक्षण क्या हैं

A: युवाओं में हार्ट अटैक के लक्षण हमेशा फिल्मों जैसे नहीं होते सीने में दबाव जबड़े या गर्दन में दर्द अचानक बहुत ज्यादा ठंडा पसीना आना और सांस फूलना इसके मुख्य संकेत हैं अगर आपको बिना किसी मेहनत के घबराहट महसूस हो रही है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें

Q: क्या जिम जाने और सप्लीमेंट लेने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है?

A: जिम जाना बुरा नहीं है लेकिन बिना गाइडेंस के प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड लेना दिल पर भारी दबाव डालता है ज्यादा कैफीन वाले सप्लीमेंट दिल की धड़कन को अनियंत्रित कर सकते हैं जिससे अचानक हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है

Q: मेरा वजन सही है और मैं एक्टिव हूँ, क्या फिर भी मुझे हार्ट अटैक आ सकता है?

A: हाँ, यह एक बड़ा भ्रम है कि सिर्फ मोटे लोगों को ही हार्ट अटैक आता है युवाओं में साइलेंट स्ट्रेस और जेनेटिक कारण बहुत अहम होते हैं अगर आपकी लाइफस्टाइल में नींद की कमी और हाई स्ट्रेस है तो फिट दिखने के बावजूद रिस्क बना रहता है

Q: हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए डाइट में क्या बदलाव करने चाहिए?

A: अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड अखरोट, फ्लैक्स सीड्स, हरी सब्जियां और फाइबर बढ़ाएं प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड ऑयल को कम करें। सबसे जरूरी है कि रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खा लें

Q: स्ट्रेस और एंग्जायटी दिल की बीमारी को कैसे बढ़ावा देते हैं?

A: जब हम लगातार तनाव में होते हैं तो शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में रहता है इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट लगातार हाई रहते हैं लंबे समय तक ऐसा होने से दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और आर्टरीज में इन्फ्लेमेशन बढ़ जाता है, जो अटैक का कारण बनता है

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राजेश्वरी (Founder)
राजेश्वरी (Founder)

राजेश्वरी livedastak.com की संस्थापक (Founder) और एक अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया और डिजिटल लेखन के क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। वे विशेष रूप से लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका मुख्य उद्देश्य पाठकों को सरल और स्पष्ट हिंदी में ताज़ा, तथ्यपूर्ण और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि livedastak.com एक विश्वसनीय और पसंदीदा हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी पहचान बनाए रखे।

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