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प्राइवेट डाक्टर छिपा रहे टीबी के मरीज, जल्द होगी कार्रवाई

जनपद में 1786 प्राइवेट डाक्टर, नर्सिंग होम और पैथालाजी पंजीकृत लेकिन 400 से कम कर रहे नोटिफिकेशन,बीते साल की तुलना में घटा नोटिफिकेशन चिंता का विषय

लखनऊ : ट्यूबरक्लोसिस को वर्ष 2025 तक देश से खत्म करने के केन्द्र सरकार के संकल्प पर प्रदेश का टीबी विभाग बखूबी काम कर रहा है लेकिन उसे प्राइवेट डाक्टर फलीभूत नहीं होने दे रहे। सिर्फ लखनऊ का आंकड़ा देखें तो इस बात की पुष्टि हो जाएगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ कैलाश बाबू के मुताबिक जनपद में 1786 प्राइवेट डाक्टर, नर्सिंग होम और पैथालाजी पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से 400 से कम डाक्टर व पैथालाजी ही विभाग को नोटिफिकेशन दे रहे हैं। बहुत से डाक्टर तो साल में एक-दो नोटिफिकेशन ही देते हैं। इससे विभाग की सभी मरीजों को कवर करने की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 और 2022 की पहली तिमाही के आंकड़ों पर ही गौर करें तो इन प्राइवेट डाक्टरों की लापरवाही साफ नजर आती है। 2021 में पहली तिमाही में प्राइवेट प्लेयर ने 2596 मरीज नोटिफाई किए थे जो 2022 में घटकर 1315 रह गए हैं। उन्होंने बताया कि किसी सरकारी कार्यक्रम में बाधा पहुंचाना गलत है। प्राइवेट डाक्टरों को इस पर ध्यान देना होगा।

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