वेकैंया नायडू के विदाई भाषण में उपराष्ट्रपति की मल्लिकार्जुन खड़गे ने की जमकर तारीफ

नई दिल्ली : राज्यसभा के चेयरमैन और उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडूके विदाई भाषण के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नायडू की सक्रियता और उनके कामों को याद किया। लेकिन साथ ही कहा कि उनके जाने के बाद मौसम बहुत सताएगा। उन्होंने कहा कि आपके बाद क्या मौसम होगा और कैसा सताएगा मुझे मालूम नहीं। इस बयान से खड़गे क्या कहना चाहते हैं यो तो नहीं मालूम लेकिन उनकी इस बात में सदन में जोरदार ठहाका गूंजा। गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ नायडू के बाद उपराष्ट्रपति पद ग्रहण करने वाले हैं।

खड़गे ने कहा कि नायडू ने सदन में कई तरह के बदलाव किए और 14 पूर्ण सेशन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि बेशक हम दो अलग-अलग विचारधारा के लोग हैं, मेरी विचारधारा तो सबको मालूम है। लेकिन आपके लिए कुछ कहना चाहता हूं..

खड़गे ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि मुझे कोल्ड हो रखा है और मेरी आवाज उतनी बुलंद नहीं है, जिस तरीके से प्राइम मिनिस्टर ने अपनी बात रखी है। ऐसा भी होता है जो पहले वक्ता बात करते हैं, बफे सिस्टम टाइप, जो पहले जाते हैं पंक्ति में उनको ज्यादा खाना मिलता है। जो बाद में वहां जाएंगे, थोड़ा फिर उधर-इधर की बातें बोलते हैं। लेकिन मैं आपके सामने चंद बातें रखना चाहता हूं।

खड़गे ने नायडू के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि आपने कई तरह के बदलाव किए। आप काफी सक्रिय रहे हैं। महिला आरक्षण बिल पर सहमति बनाने और कई दूसरी बातें आपने खुलकर कहीं। मुझे भरोसा है कि सरकार ये काम जो आप अधूरे छोड़कर जा रहे हैं, उसे पूरा करेगी। ये इसलिए मैं कह रहा हूं कि आपने प्रेशर के दौरान काम किया है।