पी. गोपीनाथन नायर के निधन पर भारतीय प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध गांधीवादी और स्वतंत्रता सेनानी श्री पी. गोपीनाथन नायर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पी गोपीनाथन का 99 वर्ष की उम्र में एक प्राइवेट अस्पताल में देहांत हो गया। लंबी उम्र के चलते उन्हें कई तरह की बीमारी थी, जिसकी वजह से उनका निधन हो गया। भाजपा शासित केंद्र सरकार ने  पी गोपीनाथन नायर को 2016 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

गोपीनाथ नायर ने भारत छोड़ो आंदोलन में 1942 में भाग लिया था, उन्होंने विनोबा भावे के साथ मिलकर भूदान और ग्रामदान आंदोलन में भी सक्रिय भाग लिया था। जब गांधी जी केरल आए थे तो नायर की उनसे करीब से मुलाकात हुई थी और वह गांधी जी से काफी प्रेरित हुए थे, जिसके बाद से ही उन्होंने गांधीवादी सिद्धांतों को अपनी जीवन में उतार लिया। नायर ने 11 साल तक गांधी सेवाग्राम आश्रम में अध्यक्ष का पद भी संभाला था।

ऐसे गांधीवादी स्वतंत्रता सेनानी के निधन पर भारतीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लिखा है कि :
“श्री पी. गोपीनाथन नायर को भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और गांधीवादी सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाएगा। मैं उनके निधन से शोकाकुल हूं। मेरी संवेदना उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”