तीन महीने पहले शादी, जल्द वापस आने का वादा, आतंकियों ने मारी गोली… राजस्थान में घरवालों के बीच फैला मातम

नई दिल्ली : जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में राजस्थान निवासी बैंककर्मी विजय कुमार की मौत की खबर जैसे ही हनुमानगढ़ जिले के भगवान गांव में पहुंची तो वहां मातम छा गया। बैंककर्मी के घर की स्थिति और भी खराब है जहां उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं। विजय कुमार बेनीवाल ने जुलाई में 10-15 दिन के लिए घर आने का वादा किया था। विजय की शादी इस वर्ष फरवरी में हुई थी और चार साल पहले ही उनकी नौकरी लगी थी। हाल ही में विजय का तबादला जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुआ था।

विजय के पिता ओमप्रकाश बेनीवाल राजकीय विद्यालय में अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। दो भाइयों में विजय सबसे बड़े थे। शोकसंतप्त पिता ने कहा, ‘विजय से जब बात हुई थी तो उसने 10-15 दिन के लिए आने की बात कही थी। हम चाहते थे कि वह राजस्थान में ही रहे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।’ उन्होंने कहा, ‘जिस तरह कश्मीर में बाहर के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है उस स्थिति में वहां काम करना आसान नहीं होगा। इसके लिए सरकार को कोई ठोस रणनीति बनानी चाहिए।’

विजय का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह पैतृक गांव भगवान गांव पहुंचेगा जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राजस्थान निवासी बैंक कर्मी की हत्या पर दुख व्यक्त किया है। गहलोत ने ट्वीट किया, ‘जम्मू कश्मीर के कुलगाम में कार्यरत हनुमानगढ़-राजस्थान के निवासी विजय कुमार की आतंकियों द्वारा हत्या घोर निंदनीय है। मैं ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति एवं परिवार को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं।’

गहलोत ने कहा, ‘राजग सरकार कश्मीर में शांति बहाल करने में असफल रही है। केन्द्र सरकार कश्मीर में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। हमारे नागरिकों की इस तरह आतंकियों द्वारा हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’ पायलट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हो रहे आतंकी हमले बेहद चिंताजनक हैं तथा लोग भय व संकट में जीने के लिए मजबूर हैं लेकिन केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की परिस्थितियों को नजरअंदाज करती आ रही है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘केंद्र सरकार को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर आतंकवाद के विरुद्ध ठोस कदम उठाने चाहिए।’