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बाबा विश्वनाथ की दान पेटिका में 9 करोड़ तो राम मंदिर को मिला 5000 करोड़ का चंदा

श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद तीर्थ यात्रियों की संख्या भी बढ़ी

-सुरेश गांधी

वाराणसी : भगवान लुटा रहे हैं अपना खजाना. अथाह दौलत के अंबार से हो रहा है भक्तों का बेड़ापार. दौलत के इस महादान में सब से आगे हैं शिरडी वाले साईं बाबा. देश के अमीर मंदिर, बेसहारा और ग़रीबों में अपनी दौलत बांट रहे हैं, लेकिन महादान में रिकॉर्ड तोड़ा है शिरडी साईं मंदिर ने और साईं बाबा का शिरडी मंदिर दान करने में सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। लेकिन इस मामले में श्रीराम जन्म भूमि निर्माण समिति भी पीछे नहीं है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए राम भक्तों ने दिल खोल कर रख दिया. मंदिर निर्माण के लिए 15 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक 5000 करोड़ से अधिक रुपये का समर्पण हो चुका है. जबकि श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद हर महीने में दान का रिकॉर्ड बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ धाम के नव्य और भव्य स्वरूप में आने के बाद काशी में पर्यटकों की आमद में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही नौ करोड़ दान पेटिका में आई है।

बता दें कि वर्ष 2021 के अप्रैल और मई माह में बाबा की आय लाखों में थी। वहीं अब आनंदकानन वन के विस्तारित और सुंदरीकरण के बाद बाबा धाम में दान करोड़ों में पहुंच गई है। श्री काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम के विस्तारीकरण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ी है जिससे बाबा के चढ़ावे में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2021 में 71 लाख चढ़ावा आया था जबकि 2022 के अप्रैल महीने में पांच करोड़ 45 लाख दान आया। मई 2021 में 21 लाख की आमदनी हुई थी, जबकि मई 2022 में तीन करोड़ 24 लाख का चढ़ावा आया। खर्चों की बात करें तो 2021 के अप्रैल और मई महीने में क्रमशः 38 लाख और 76 लाख रुपये था। जबकि 2022 के अप्रैल और मई माह में क्रमशः 31 लाख और 1 करोड़ 25 लाख रुपये हुई है। इसमें वेतन,सामन्य, आकस्मिक आदि खर्च भी शामिल है।

श्री काशी विश्वनाथ धाम के नए अवतार में आने के बाद देश और दुनिया के शिव भक्तों की संख्या काशी में लगातार बढ़ती ही जा रही है। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। जिससे आसपास के व्यापारी भी लाभान्वित हो रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बाबा धाम की आय में और भी इजाफा होगा। बाबा के चरणों में मन्नत पूरी होने के बाद दान-पुण्य का इतिहास प्राचीन काल से ही चला आ रहा है। अहिल्याबाई होल्कर, महाराज रणजीत सिंह समेत देश भर से दानदाताओं ने खुले मन से दान किया। मंदिर प्रशासन की ओर से ऑनलाइन दान के अलावा मंदिर परिसर में भी कार्यालय में दान की व्यवस्था है। वहीं बाबा दरबार में संबंधित व्यक्ति को दान की रसीद ऑनलाइन और ऑफलाइन देने की व्यवस्था है। बता दें कि बाबा विश्वनाथ के नए दरबार का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर 2021 को किया था। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री ने ही 8 मार्च 2019 को किया था।
राम मंदिर निर्माण के लिए

मिला 5000 करोड़ कैश

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी पर है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की माने तो जनवरी 2024 में रामलला अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे. राम मंदिर के लिए हर राम भक्त अपने सपनों को पूरा होता देख दिल खोलकर सहयोग दे रहा है. इसमें नगद रुपयों से लेकर सोना, चांदी, पत्थर और तरह-तरह के सहयोग शामिल है. मंदिर निर्माण के लिए 15 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक समर्पण निधि अभियान चलाया गया. यह समर्पण निधि अभियान इतना बड़ा था कि इसमें 9,00,000 कार्यकर्ताओं ने 175 हजार टोलियां बनाकर घर-घर जाकर 10 करोड़ परिवारों से संपर्क किया था. समन्वय के लिए 49 नियंत्रण केंद्र बने थे और 23 विशेषज्ञों की टीम ने इस पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी थी. सूत्रों की माने तो अब तक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 5000 करोड़ से अधिक रुपये का समर्पण हो चुका है. श्रीराम मंदिर निर्माण पर हो रहे खर्च के बाद भी 3500 करोड़ से अधिक धनराशि श्रीराम जन्मभभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा है. राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल बताते हैं कि अभी बहुत से ऐसे समर्पण निधि केंद्र हैं,जिनका डेटा ट्रस्ट के पास नहीं पहुंचा है, ऐसे समर्पण केंद्रों की संख्या 35 से अधिक है. इनके हिसाब किताब का ब्यौरा प्राप्त होने और ऑडिट रिपोर्ट आने के बबाद यह तय हो पाएगा कि अब तक कितनी धनराशि समर्पण निधि के रूप में ट्रस्ट को प्राप्त हो चुकी है. ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने बताया कि करीब 4 कुंतल चांदी और कुछ सौ ग्राम सोना राम भक्तों ने दान दिया है.

तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुपति वेकटेश्वर मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में गिना जाता है. इस मंदिर को भगवान वेंकटेश्वर या बालाजी भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित है इस मंदिर में एक जनवरी 2021 से 30 दिसंबर 2021 से दान पात्र में 833 करोड़ आए हैं. सबसे मशहूर तीर्थस्थलों में से एक इस मंदिर में ट्रस्ट तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के पास नौ हजार किलो सोना है. इसमें से 7235 किलो सोना देश के 2 बैंक और 1934 किलो सोना ट्रस्ट के पास रखा गया है. हर वर्ष मंदिर के पास करीब 1000 से 1200 करोड़ का चढ़ावा आता है.

साईं बाबा मंदिर, शिर्डी, वैष्णों देवी मंदिर

साईं बाबा मंदिर, शिर्डी के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है. रिपोर्ट के अनुसार मंदिर के बैंक खाते में लगभग 32 करोड़ का सोना, 4428 किलो चादी और लगभग 1800 करोड़ रखे हुए. इस मंदिर में करीब 360 करोड़ रुपये हर साल चंदे के रूप में आता है. वैष्णों देवी मंदिर में साल भर श्रद्धालु जाते हैं आर माता के सामने माथा टेकते हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यहां पर हर साल करीब 500 करोड़ से ज्यादा चंदा दान में आता है.

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