Breaking News

अब सीएचसी पर भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिकित्सकों को किया गया प्रशिक्षित

लखनऊ : मानसिक स्वास्थ्य से जुडीं समस्याओं का समाधान अब नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों(सीएचसी) पर आसानी से हो सकेगा| राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इसकी पहल की जा रही है| इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी जांच और उपचार के बारे में चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया है| राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आर.के. चौधरी का कहना है कि अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके घर के नजदीक ही मानसिक स्वास्थ्य से जुडीं दिक्कतों का उपचार संभव है| इसके लिए उन्हें जिले तक नहीं आना पड़ेगा| इसके साथ ही सप्ताह में दो दिन चिन्हित आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जिले से टीम जाकर मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्तियों की जांच व उपचार करती है| इसके अलावा मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को प्रमाणपत्र भी दिए जाते हैं| डॉ.चौधरी ने बताया कि माह के पहले मंगलवार को सीएचसी गोसाईगंज, पहले शुक्रवार को सीएचसी सरोजनीनगर, दूसरे मंगलवार को सीएचसी बख्शी का तालाब, दूसरे शुक्रवार को सीएचसी काकोरी, तीसरे मंगलवार को सीएचसी मलिहाबाद, तीसरे शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माल, चौथे मंगलवार को सीएचसी चिनहट और चौथे शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनलालगंज का भ्रमण कर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

नोडल अधिकारी डॉ. आर.के. चौधरी

डॉ. चौधरी ने बताया- जनपद में वर्ष 2017 से राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है, इसके तहत जिला अस्पताल बलरामपुर में जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ का गठन किया गया है | प्रकोष्ठ के माध्यम से बलरामपुर अस्पताल में सोमवार, गुरुवार और शनिवार को प्रातः आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ओपीडी चलती है| इसके द्वारा वर्ष 2018-19 से 2021-22 के मध्य 85,256 मनोरोगियों को निःशुल्क सेवाएं दी गईं हैं| वर्ष 2018 में बलरामपुर अस्पताल में मनकक्ष की स्थापना की गई है, जहां मानसिक रोगियों के साथ ही अन्य रोगों से संबंधित मरीजों की काउंसलिंग की जाती हैं| मानसिक स्वास्थ्य देख-रेख अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में मानसिक स्वास्थ्य अधिकारों को समुदाय तक पहुंचाने के लिए जनपद में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विलोकन बोर्ड का गठन कर उसका संचालन किया जा रहा है| कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट, सरोजनी नगर, बक्शी का तालाब एवं मालिहाबाद में मनोरोग विधा में प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा मन चेतना दिवस संचालित किया जाता है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। बलरामपुर जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष डा. देवाशीष शुक्ला ने बताया- माह के प्रत्येक बुधवार को रोस्टर के अनुसार जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम द्वारा राजकीय संप्रेक्षण गृह, राजकीय बालगृह (बालक/बालिका), जिला कारागार एवं जनपद के गैर सरकारी संगठनों का भ्रमण कर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

इसके साथ ही स्कूल, कार्यस्थलों, धार्मिक स्थल जहां झाड़ फूंक आदि का कार्य होता है, वहां शिविर लगाकर मनोरोग संबंधी जांच और उपचार की सुविधा देते हैं| इसकेसाथ ही मनोरोग के संबंध में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जाता है| इसके अलावा दुआ से दवा तक कार्यक्रम के तहत जनपद के चिन्हित धार्मिक स्थानों पर नियमित रूप से माह में एक बार शिविर के माध्यम से मनोरोगियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं दी जाती हैं| वर्ष2019-20 और 2020-21 में आठ दुआ से दवा तककार्यक्रमों का आयोजन कर क्रमशः 133 और 81 मनोरोगियों को मानसिक स्वास्थ्य लाभ दिया गया| 2021-22 में छह दुआ से दवा तककार्यक्रमों का आयोजन कर लगभग 60 मनोरोगियों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई गईं| जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम- लखनऊ की टीम ने विद्यालय/महाविद्यालय व सरकारी/गैर सरकारी संस्थानों में “वर्क स्ट्रेस एंड सुसाइड प्रीवेंशन कार्यशाला” का आयोजन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *