चंडीगढ़: जीएसटी काउंसिल की बैठक जारी , राज्‍यों को क्षतिपूर्ति सहित कई मुद्दों पर फैसला संभव

चंडीगढ़: यहां होटल हयात में जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक दूसरे दिन भी जारी है। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए जाने की उम्‍मीद है। बैठक में क्षतिपूर्ति पर फैसला संभव है। केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए अहम फैसलों के बारे में शाम चार बजे घोषणा करेंगी। बता दें कि इस बैठक में पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान, वित्‍तमंत्री हरपाल सिंह चीमा , हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत चौटाला सहित विभिन्‍न राज्‍यों के वित्‍तमंत्री व अधिकारी भाग ले रहे हैं। जीएसटी काउंसिंल की यह बैठक 28 जून को शुरू हुई थी।

बता दें कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किए जाने के कारण राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई करने की योजना 30 जून को समाप्त हो रही है। राज्यों ने इसे आगे बढ़ाने की मांग की है, जबकि केंद्र इसे खत्म करने के पक्ष में है। इस मुद्दे पर आज जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोई फैसला हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज प्रेस कांफ्रेंस के जरिए काउंसिल में लिए गए फैसलों की जानकारी देंगी। क्षतिपूर्ति के अलावा जीएसटी दरों और उनके अंतर्गत आने वाली वस्तुओं की सूची में हेरफेर हो सकती है। कैसिनो और आनलाइन गेमिंग को लेकर भी फैसला संभव है।

इससे पहले मंगलवार को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में विपक्ष शासित राज्याें ने राज्यों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति को अगले दो साल तक जारी रखने की मांग उठाई। इन विपक्ष शासित राज्यों में मुख्य रूप से दिल्ली, पंजाब, केरल, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल राज्य के प्रतिनिधि शामिल थे। इस पर अंतिम निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा काउंसिल की बैठक के आज लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय राजस्व सचिव, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, चंडीगढ़ के वित्त सचिव विजय नामदेव राव जादे, डीसी विनय प्रताप सिंह के अलावा देशभर से 120 प्रतिनिधि उपस्थित हैं।

वैट समाप्त करने की वजह से जारी की गई थी क्षतिपूर्ति
जुलाई 2017 में केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी प्रणाली को लागू किया गया था। जीएसटी लागू होने से वैट व्यवस्था को खत्‍म किया जा रहा था। वैट के खत्‍म किए जाने की वजह से कई बड़े राज्यों को इससे होने वाली कमाई के रूप में राजस्व का नुकसान हो रहा था। ऐसे में केंद्र सरकार ने इस भरपाई के लिए राज्यों को क्षतिपूर्ति राशि अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया था। क्षतिपूर्ति जारी रखने की समय सीमा 30 जून काे समाप्त हो रही है। क्षतिपूर्ति को पूरा करने के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को सिगरेट, तंबाकू, कार और महंगी बाइक जैसे कई अन्य वस्तुओं पर सेस चार्ज कर कमाई का साधन उपलब्ध कराया था। बता दें क्षतिपूर्ति के नाम पर लिए जाने वाले सेस 30 मार्च 2026 तक जारी रहेगा।

इसलिए विपक्ष शासित राज्य चाहते हैं क्षतिपूर्ति राशि जारी रहे
कोरोना महामारी की वजह से बंद पड़े कारोबार, व्यापार और सरकारी खजाने के हुए नुकसान की भरपाई को पूरा करने के लिए।
कोरोना महामारी से उभरने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लिए गए कर्ज की भरपाई के लिए।

क्रिप्टोकरंसी, आनलाइन गेमिंग, कसीनो पर 28 फीसद जीएसटी लगाने को लेकर हुई चर्चा
जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले दिन ही क्षतिपूर्ति राशि जारी रखने के अलावा टाप एजेंडा में क्रिप्टोकरंसी, कसीनो, आनलाइन गेमिंग और लाटरी सिस्टम पर 28 फीसद जीएसटी लगाने को लेकर चर्चा हुई। काउंसिल के समक्ष जीओएम रिपोर्ट के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया। सूत्रों की मानें तो इन निवेश के इन नए विकल्पों पर 28 फीसद जीएसटी लगना तय है, जिस पर अधिकारिक तौर पर केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा आज (बुधवार को) काउंसिल की बैठक में फैसला लिया जाएगा।