हरियाणा में एक सीट पर भाजपा, दूसरी पर निर्दलीय की जीत, कुलदीप विश्नोई ने किया ट्वीट

चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections in Haryana) में बड़ा उलटफेर हुआ है। एक सीट पर भाजपा तो दूसरी सीट पर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीत गया। हरियाणा राज्यसभा चुनाव मे कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन की हार हुई है। ऐसे में अब कांग्रेस नेता और विधायक कुलदीप विश्नोई ने एक ट्वीट किया है। उनका यह ट्वीट कहीं ना कहीं चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर इशारा करता है। शनिवार सुबह ट्वीट में कुलदीप ने लिखा, “फन कुचलने का हुनर आता है मुझे, सांप के ख़ौफ़ से जंगल नही छोड़ा करते” सुप्रभात।

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। एक सीट पर भाजपा तो दूसरी सीट पर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीत गया। इस चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा में मतों की गिनती शुक्रवार रात एक बजे शुरू हुई। शनिवार सुबह तीन बजे अधिकारिक परिणाम का ऐलान किया गया।

हरियाणा के हिसार के आदमपुर (Adampur in Hisar, Haryana) से कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन को वोट नहीं डाला. इस कारण एक बड़ा उलटफेर हुआ और माकन को हार का मुंह देखना पड़ा. हालांकि, कांग्रेस का एक वोट रद्द भी हुआ. हरियाणा के राज्यसभा चुनाव की दो सीटों पर भाजपा (BJP) के उम्मीदवार कृष्ण पंवार और भाजपा-जेजेपी (BJP-JJP) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को जीत मिली है!
हरियाणा (Rajya Sabha elections in Haryana) की दो सीटों पर चुनाव के लिए भाजपा ने कृष्ण लाल पंवार, कांग्रेस ने अजय माकन तथा जजपा व निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ कार्तिकेय शर्मा चुनाव मैदान में थे। शुक्रवार को दिन भर चली वोटिंग के बाद भाजपा समेत कई अन्यों ने रिटर्निंग ऑफिसर आरके नांदल पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए शिकायत की। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी तथा बीबी बत्तरा पर वोट की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाते हुए वोट रद्द करने की मांग की गई ।

केंद्रीय चुनाव आयोग ने देररात इस संबंध में फैसला दिया और वोटों की गिनती शुरू हुई। एक सीट पर भाजपा की जीत तय थी। दूसरी सीट पर निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा ने कांग्रेस के अजय माकन को हरा दिया। पहली मतगणना में कांग्रेस के लोगों ने मिस कम्युनिकेशन होने के चलते अपने उम्मीदवार अजय माकन की जीत घोषित की। जीत पर हरियाणा कांग्रेस ने ट्वीट किया। परंतु चुनाव आयोग ने जब उम्मीदवार और एजेंट को बताया कि अंकों के हिसाब से जीत कार्तिकेय शर्मा की हुई है तो उन्होंने दोबारा गिनती की मांग की। इस पर रिकांउटिंग की गई।

करीब तीन बजे निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को निर्वाचित घोषित किया गया। तुरंत बाद ही डिप्टी सीएम ने ट्ववीट करके विक्टरी चिह्न बनाया। वहीं भाजपा के उम्मीदवार कृष्ण पंवार ने भी जीत दर्ज की। पंवार को 31 वोट मिले। इसके बाद सीएम मनोहर लाल विधानसभा पहुंचे और उन्होंने दोनों राज्यसभा सांसदों को जीत की बधाई दी।

हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 31 विधायक है। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने बताया कि हमारे उम्मीदवार अजय माकन को 30 वोट मिले थे,परंतु एक वोट रद्द हो गया। इस कारण 29 वोट रह गए। रद्द वोट किस विधायक का है यह अभी नहीं पता। बत्रा ने स्वीकार किया कि माकन की जीत को लेकर कुछ गलतफहमी पैदा हो गई थी लेकिन वह हार गए हैं।

इस चुनाव पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया। कुलदीप ने पीएम मोदी की नीतियों में आस्था जताई है। सीएम ने कहा कि यदि वे पार्टी में आना चाहेंगे तो उनका स्वागत है। हम हुड्डा का भी स्वागत करते हैं। सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक सप्ताह अपने विधायकों को प्रशिक्षण दिया और फिर भी जीत नहीं सकें। हमने एक ही दिन प्रशिक्षण दिया और जीत गए।

कैसे मिली निर्दलीय कार्तिकेय को जीतः मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जीत का फार्मूला बताते हुए कहा कि कुल 90 में से 89 वोट पड़े। एक वोट रद्द हो गया। शेष 88 वोट रह गए। एक वोट 100 अंक के बराबर है। 8800 का तीसरा हिस्सा 2934 अंक बनते हैं। उम्मीदवार को जीत के लिए 2934 अंक चाहिए। कृष्ण पंवार के 66 वोट बचे जो कार्तिकेय को मिले। ऐसे में कार्तिकेय शर्मा को 66 प्लस 2900 मिलाकर 2966 वोट मिले। जबकि कांग्रेस को 2900 वोट मिले। इसी आधार पर कार्तिकेय शर्मा को विजयी घोषित किया गया है।

गौरतलब है कि यह पूरा खेल कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी के साथ शुरू हुआ था. यही कारण है कि जब कांग्रेस विधायकों को बाड़ांदी के लिए छत्तीसगढ़ भेजा गया तो कुलदीप साथ नहीं गए. हालांकि, इस दौरान उन्होंने दिल्ली का दौरा किया। चुनावों से पहले जब उन्हें वोट को लेकर सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा था कि मैं अंतरआत्मा की आवाज सुनकर ही वोट डालूंगा, मैं किसी के दबाव में आकर मतदान नहीं ।