बेरोजगारी दर कम होने के मामले में उत्तराखंड पांचवें स्थान पर, सीएमआईई की रिपोर्ट जारी

(उत्तराखंड में पर्यटन सीजन में बेरोजगारी घटी )

देहरादून: सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने हाल ही में बेरोजगारी से जुड़ी अपनी रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक भारत की बात करें तो राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर 7.8 फीसदी से घटकर 7.1 फीसदी हो गई है।

वहीं इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड में पर्यटन सीजन में बेरोजगारी दर में कमी आई है। इस अवधि में बेरोजगारी दर 5.3 फीसदी से घटकर 2.9 प्रतिशत पर पहुंची गई है। उत्तराखंड में नवंबर, 2020 के बाद पहली बार बेरोजगारी दर में इतनी कमी दर्ज की गई है।

उत्तराखंड में 18 माह बाद पहली बार बेरोजगारी की दर में कमी आई है। नवंबर 2020 में बेरोजगारी 1.5 फीसदी थी। मार्च (3.51) के मुकाबले अप्रैल (5.33) में ही करीब दो फीसदी की वृद्धि हुई। जबकि फरवरी में बेरोजगारी दर 4.6 फीसदी और दिसंबर में पांच फीसदी थी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक इस बार पहली बार देश में बेरोजगारी दर कम होने के मामले में उत्तराखंड पांचवें स्थान पर आया है। सबसे कम चंडीगढ़ में 0.7, मध्यप्रदेश 1.6, गुजरात में 2.1, उड़ीसा 2.6 फीसदी है। इसके बाद उत्तराखंड प्रदेश के 2.9 फीसदी के साथ पांचवां स्थान मिला है।

गौरतलब है कि सीएमआईई की ओर से इस सर्वे में 15 वर्ष से अधिक के युवाओं को शामिल करता है। रोजगार की स्थिति की जानकारी के बाद रिपोर्ट तैयार की जाती है। इसे ऐसे समझा जा सकता है। बेरोजगारी दर 2.9 फीसदी रहने का मतलब होता है कि वहां प्रत्येक 1000 लोगों में से 29 को कोई काम नहीं मिला है।