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मीडिया के सामने निकला प्रकाश झा का डर

-अनिल बेदाग़

मुंबई : अपने बेखौफ और बेबाक विषयों से समाज को सच्चाई का आइना दिखाने वाले , सत्ता की राजनीति हो या आस्था के नाम पर धर्म गुरुओं की राजनीति, बिना किसी भय के सच्ची कहानियों को बड़े पर्दे पर दिखाने की इनकी कला कमाल की है। जी हां, बेखौफ और निडरता से हर कहानी को बड़ी ही बारीकी से कह देने वाले डायरेक्टर प्रकाश झा ने हाल ही में आश्रम 3 के प्रेस कॉन्फ्रेंस पहली बार कहा की हां,उन्हे भी डर लगता है जब किसी अनचाही हलचल या विरोध का सामना होता है। मुंबई में जुहू के पांच सितारा होटल में रखी गई सबसे बड़ी वेब श्रृंखला एक बदनाम–आश्रम 3 के प्रेस कांफ्रेंस पर जब डायरेक्टर प्रकाश झा को पूछा गया कि आश्रम के पहले सीजन में उनके खिलाफ एफ. आई.आर दर्ज की गई और अब के सीजन में उनपर स्याही फेकी गई ऐसे में लगातार हो रहे हंगामों से क्या वो डर भी जाते हैं?

इन पर प्रकाश झा कहते हैं, “आश्रम के बारे में ऐसा है कि कही कुछ भी हो सकता है। कोई कुछ भी कर सकता है क्योंकि हमने विषय ही ऐसा चुना है जो समाज का विषय है। लोगों से संबंध रखता है, लेकिन यहां किसी एक व्यक्ति या कल्पना की कहानी नहीं है। और मैं ये कहूं की मुझे डर नही लगता ये भी गलत बात है। लेकिन डर के जीना भी अच्छा नहीं लगता, तो उसके साथ जीता हूं। और हमेशा से मन करता हैं कि जो कहना है वो तो कहना ही है। किसी व्यक्ति को अगर व्यक्तिगत रूप से चोट पहुंचाए बिना कुछ कह सकूं,तो मैं कोशिश करता हूं कि उसे कहूं अब चाहे वो राजनीतिक हो चाहे हो धार्मिक हो या चाहे वो व्यवसायिक हो। बाकी पत्थर फेंके जाते हैं, गालियां पड़ती हैं, एफ आई आर दर्ज होते हैं चलो कोई नही लोगों के हाथ मजबूत होंगे”।

आश्रम के बॉबी बाबा निराला का चोला पहनकर मायाजाल फैला रहे हैं। ऐसे में, जब प्रकाश झा से पूछा गया कि उन्हें बॉलीवुड में वो किसे बाबा निराला समझते है तो उन्होंने हंसकर कहा कि” मेरे सारे दोस्त तो मुझे ही बाबा निराला समझते हैं। मुझसे बड़ा निराला तो कोई है ही नहीं। मैं किसी और का नाम क्यों लूं”। खैर हसकर प्रकाश झा ने मीडिया के सवालों का बड़ी ही सहजता से जवाब दिया।

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