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काशी को मिली लटकते तारों के जंजाल से मुक्ति : मोदी

आइपीडीएस लाभार्थी प्रमिला से पीएम ने जाना काशी की प्रगति का हाल, हर-हर महादेव के नारे से शुरु की संवाद

-सुरेश गांधी

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आइपीडीएस (इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम) योजना से लाभान्वित अपने संसदीय क्षेत्र के लाभार्थी प्रमिला से शनिवार को वर्चुअली संवाद किया। आयुक्त सभागार में उज्ज्वल भारत-उज्ज्वल भविष्य, पावर 2047 आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने लाभार्थी प्रमिला से काशी के विस्तार व प्रगति के साथ-साथ सड़कों पर लटकते तारों के बारे में जाना। जवाब में प्रमिला की बातों को आगे बढ़ाते हुए पीएम ने कहा इस योजना से लोगों को लटकते तारों के जंजाल से मुक्ति मिली है। मोदी ने संवाद की शुरुवात हर-हर महादेव की। इसके बाद लाभार्थी से बात करते हुए कहा, प्रमिला जी। कैसी हैं आप, सावन माह चल रहा है, काशी विश्वनाथ का दर्शन किया। मेरी तरफ से भी मत्था टेक लीजिएगा।

इस दौरान मोदी ने सवाल किया कि योगी सरकार के पहले कैसी बिजली आती थी। प्रमिला ने बताया कि वह गृहणी हैं और चार बच्चों की मां हैं। किराना की दुकान चलाकर घर-परिवार का भरण-पोषण करती है। प्रमिला ने प्रधानमंत्री को बताया कि पहले उनके दुकान के सामने एक ही बिजली का खंभा था, जिस पर इतने कनेक्शन थे कि हमेशा डर बना रहता था। दूर दूर तक नंगे तार फैले हुए थे। अब बिजली के खतरनाक तार अंडरग्राउंड हो गए हैं तो खंभा भी हट गया। किसी तरह का डर नहीं है। अब बिजली भी अच्छी आती है। बिजली की रोशनी में रात में काशी काफी सुंदर लगती है। प्रमिला की बात सुनकर प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ आप का घर ही नहीं, काशी भी दिन प्रतिदिन सुन्दर हो रही है। पहले बनारस समेत देश के बड़े हिस्से में यही स्थिति रही। खुले तारों से लोगों की सुरक्षा को भी खतरा था। हमारी कोशिश है कि पूरे देश में बिजली की आधुनिक व्यवस्था बनाएं। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री डॉ महेन्द्र पांडेय, सांसद बीपी सरोज, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज शर्मा, महापौर मृदुला जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह, बिजली विभाग के एमडी विद्याभूषण, अधीक्षण अभियंता दीपक अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।

भारत की प्रगति को नई गति देगा पावर सेक्टर: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 5200 करोड़ रुपए से ज्यादा की एनटीपीसी की विभिन्न हरित ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इसी के साथ वह ‘उज्ज्वल भारत उज्जवल भविष्य-पावर 2047’ कार्यक्रम में शामिल हुए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उन्होंने इस दौरान विद्युत क्षेत्र के लिए पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना का उद्घाटन भी किया। एनटीपीसी के परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करते हुए मोदी ने कहा, गत आठ वर्ष में पूरे देश को जोड़ने के मकसद से देश में करीब एक लाख 70 हजार सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइंस बिछाई गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, आज वन नेशन वन पावर ग्रिड देश की ताकत बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय के साथ-साथ हमारी राजनीति में एक गंभीर विकार आता गया है। पीएम ने कहा कि सियासत में जनता को सच बताने का हौसला होना चाहिए, पर हम देखतें हैं कि कुछ राज्यों में इससे बचने के प्रयास होते हैं। पीएम ने कहा कि ये रणनीति तात्कालिक तौर पर तो अच्छी राजनीति लग सकती है, लेकिन ये आज की चुनौतियों, आज के सच और अपनी भावी पीढ़ियों के लिए यह टालने जैसा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही जानकर हैरानी होगी कि विभिन्न राज्यों का देश को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। उन्हें यह पैसा पावर जेनरेशन कंपनियों को देना है। इसी के साथ बिजली वितरण कंपनियों का कई स्थानीय निकायों व सरकारी विभागों पर भी 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है।

बिजली के बिना जीवन की कल्पना नहीं

पीएम ने कहा, आज बिजली के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, मेरे लिए बहुत संतोष की बात यह है कि पिछले वर्षों में हमने ऊर्जा के क्षेत्र में कई सारी खामियों को दूर करके पॉवर सेक्टर को मजबूत किया है। मोदी ने कहा, आजादी के 70 साल बाद भी देश के 18 हजार गांवों तक बिजली नहीं पहुंच सकी थी। नए भारत में आज गांवों-गांवों में लोग बिजली का उत्पादन कर सकें, इस दिशा में सरकार काम कर रही है।

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