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जीएसटी कमिश्नर ने व्यापारियों की समस्याएं सुनी और समाधान भी बताए

कहा, व्यापारियों की जीएसटी रजिस्ट्रेशन से लेकर उसके नियम व कानून की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर होगा

-सुरेश गांधी

वाराणसी : जीएसटी नया कानून है. डीलर्स को जो परेशानी आ रही है, उसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए. चूंकि यह नयी कर प्रणाली है. लोगों को अपने सुझाव के साथ सामने आना चाहिए. जीएसटी की समस्या बताने के साथ उसका समाधान भी बताना चाहिए. आखिर समस्या का कैसे समाधान किया जाये, उसका भी सुझाव देने से परेशानी कमतर होती जायेगी. यह बातें गुरुवार को पराड़कर स्मृति भवन में काशी बिस्किट एंड कन्फेक्शनरी व्यापार मंडल संबद्ध वाराणसी व्यापार मंडल के तत्वाधान में आयोजित जीएसटी के परिवर्तन दरों एवं पंजीकरण की समस्याओं के समाधान विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहीं। कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, महामंत्री रमेश निरंकारी, एवं जीएसटी अधिकारी प्रदीप कुमार एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन वाराणसी जोन द्वितीय, पिं्रस कुमार एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन वाराणसी जोन प्रथम, अमित कुमार पाठक ज्वाइंट कमिश्नर, पशुपति प्रताप सिंह डिप्टी कमिश्नर, के.के गुप्ता डिप्टी कमिश्नर, अजीत सिंह डिप्टी कमिश्नर, प्रमोद कुमार उपाध्याय असिस्टेंट कमिश्नर, वरुण कुमार असिस्टेंट कमिश्नर, दुर्गेश कुमार असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जो जीएसटी के विषय में आ रही दिक्कतों के बारे में व्यापारियों के प्रश्नों का जवाब दिया।

अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी कानून बनाते समय सरकार ने राजस्व के साथ-साथ करदाताओं के हितों का भी ख्याल रखा है. जैसे-जैसे जीएसटी प्रैक्टिस में आता जायेगा, लोग जागरूक होंगे, यह एक अच्छी कर प्रणाली के रूप में उभरेगा. उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे जीएसटी कर संग्रह में सुधार हो रहा है. विभाग के अधिकारी करदाताओं की सहायता कर उनकी समस्याएं दूर कर रहे हैं. करदाताओं की समस्याओं को दूर करने को प्राथमिकता दी जा रही है. सबका विकास स्कीम का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जो अनब्रांडेड है या जो ब्रांडेड अपने यहां से किसी नाम से बेच रहा है उसका वह अपना एक्शनेबल क्लेम विथड्रॉ कर ले तो वह 5 फीसदी टैक्स के दायरे में आएगा। जैसे नमकीन के व्यापारी अजय गुड्डू इत्यादि नाम से अपने ब्रांड की नमकीन बेच रहे हैं तो अपना एक्शनेबल क्लेम को अगर आप विथड्रा कर लिए हैं तो वह 5 पर्सेंट जीएसटी के दायरे में आएंगे। यदि एक्शनेबल क्लेम को आपने विथड्रॉ नहीं किया है तो 12 फीसदी के दायरे में आएंगे. एक्शनेबल क्लेम 30 नवंबर 2017 तक जुड़िशल कमिश्नर के समक्ष एक एफिडेविट के माध्यम से विथड्रॉ करना था जिसमें लिखना था जो ब्रांड में मैं समान बनाता हूं बेचता हूं उस ब्रांड पर मेरा कोई दावा नहीं है। यदि इस ब्रांड के नाम का कोई और प्रयोग करता है तो मैं कोई विधिक कार्यवाही नहीं करूंगा, जो चाहे इस ब्रांड का प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र है. इस अवसर पर इसकी जीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों के नए जीएसटी रजिस्ट्रेशन के ऊपर भी चर्चाएं की और नियम व कानून बताएं। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क बनी हुई है व्यापारी चाहे जीएसटी फीलिंग या रजिस्ट्रेशन की कोई भी दिक्कत है उसका अवश्य समाधान होगा।

इस अवसर पर वाराणसी व्यापार मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने आश्वस्त किया की नए-नए व्यापारी जो जीएसटी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराए हैं उनको वह प्रेरित करेंगे जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जिससे टेक्स्ट के माध्यम से प्रदेश व देश की उन्नति हो सके। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री रमेश निरंकारी ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रुप से संरक्षक विजय कपूर, संरक्षक जगदीश गुप्ता, कविंद्र जायसवाल, पारस केसरी, संयुक्त महामंत्री मनीष गुप्ता, युवा अध्यक्ष संजय गुप्ता, दीप्तिमान देव गुप्ता, अरविंद जायसवाल, मनोज जायसवाल, रोशन जायसवाल, जितेश जायसवाल, सत्य प्रकाश जायसवाल, अचल मौर्या, अजीत जायसवाल, पवन गुप्ता, हाजी शाहिद, कुरेशी सुनीता, सोनी सुमन सिंह, दिव्या मौर्या, अनीता वर्मा, ओजस्वी राज सोनी, राजेश सिंह, शरद गुप्ता, गोपाल यादव, शशांक दवे, जितेंद्र गुप्ता, सचिन मौर्य, जयचंद शर्मा, विनोद गुप्ता, अमित गुप्ता, अनूप गुप्ता, आशीष गुप्ता, अमन जायसवाल, गुफरान कुरैशी आदि मौजूद थे।

 

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