काशी के विकास से ही मोदी लिखेंगे 2024 की पटकथा

जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और योगी काशी पर विकास योजनाओं के जरिए मेहरबान है, उससे साफ है आने वाले दिनों में काशी भारत ही नहीं पूरे विश्व में चमकेगी। अब तक 45 हजार करोड़ की योजनाओं में तकरीबन 17 हजार करोड़ से भी अधिक की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है। योजनाओं की बारीश व ताबड़तोड़ किए जा रहे विकास इस बात के गवाह है कि मोदी के लिए काशी दूसरे घर की तरह हो गया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 जुलाई को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर है। इस दिन एक-दो बल्कि अक्षय पात्र, नमो घाट, नाइट मार्केट सहित 54 परियोजनाओं की सौगात काशीवासियों को देंगे। इसमें 591.54 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं 1220.6 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मतलब साफ है पीएम मोदी एक बार फिर 2019 की तर्ज 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की पटकथा वाराणसी से ही लिखेंगे। इसमें रामजन्म भूमि, पूर्वांचल एक्सप्रेस, मेडिकल कॉलेज व राष्ट्रवाद के साथ-साथ काशी में हुए विकास छौका का काम करेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल तो यही है क्या 2024 की सियासी बिसात बाबा विश्वनाथ धाम के दरबार से ही बिछेगी? आखिर काशी ही क्यों है सबसे हाईलाइट? क्या काशी मॉडल से बदलेगा देश का सियासी मिजाज?

-सुरेश गांधी

फिलहाल, चार महीने बाद 7 जुलाई को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आएंगे। इस बार प्रधानमंत्री बनारस के लिए एक दो नहीं बल्कि पूरे 1812 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकापर्ण करेंगे। देखा जाएं तो हाल ही में सम्पन्न उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद पीएम मोदी का पहला वाराणसी दौरा है। उनके दौरे को सफल बनाने के लिए खुद योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है पीएम का स्वागत भव्य होगा। अधिकारियों को हिदायत दी गयी है कि स्वागत को ऐतिहासिक बनाने में कहीं भी किसी तरह की चूक नहीं होगी। हालांकि यह सच है पीएम मोदी जब भी काशी आते है तब वे काशीवासियों को हजारों हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात देकर ही जाते है। इस बार भी कुछ ऐसा ही होने वाला है। मोदी के प्रयास से सुबह-ए-बनारस के लिए मशहूर शिव की नगरी काशी में रात भी अब और रौशन होगी। कैंट स्टेशन के ठीक सामने लहरतारा-चौकाघाट फ्लाई ओवर के नीचे 1.9 किमी में सजने वाले नाइट बाजार का लोकार्पण करेंगे। यहां काशी की कला व संस्कृति दिखेगी, साथ ही बनारसी खान पान का स्वाद मिलेगा। व्यवस्थित यातायात के साथ जनता के जरूरतों का ध्यान रखकर तैयार अर्बन प्लेस मेकिंग में पर्यटकों को पूरी रात सुविधाएं मुहैया होंगी। इंदौर की तर्ज पर विकसित होने से इस नाइट बाजार में बनारस की धर्म, कला और संस्कृति को समाहित करने के साथ ही इस दौर में बनारस की पहचान बनने वाली परियोजनाओं के मॉडल को भी जगह दी गई है। आई लव वाराणसी स्लोगन लिखा हुआ सेल्फी प्वाइंट, फाउंटेन, पाथ वे, पेड़-पौधे समेत अन्य हॉर्टिकल्चर का प्रावधान है। सुविधा की दृष्टि से दोनों छोर पर प्रसाधन, पेयजल की सुविधा, पर्यटकों के लिए इन्फॉर्मेशन कियोस्क व अन्य सुविधाएं होंगी।

वाराणसी कैंट स्टेशन से बाहर निकलते ही आपको काशी शहर का अहसास होने लगेगा। दीवारों पर काशी की कला और संस्कृति की पेंटिंग, इंस्टॉलेशन और लैंडस्केपिंग के माध्यम से झलक दिखने लगी है। सड़क की सुरक्षा के लिए दोनों ओर रेलिंग, पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग व अन्य संसाधन विकसित हुए है। क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि पीएम मोदी सबसे पहले अर्दली बाजार स्थित एल.टी. कालेज जाएंगे जहां वे मिड डे मील किचन ‘अक्षय पात्र’ का लोकार्पण करेंगे, इसके पश्चात पीएम मोदी सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में शिक्षाविदो से संवाद करेंगे। तत्पश्चात पीएम मोदी सिगरा स्थित सम्पुर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के पूर्व वे परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के इस दौरे से पौराणिक शहर में आधुनिक इंफ्रास्टक्चरल विकास की गाथा पूरे विश्व के लिए काशी नगरी लिखेगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में काशी में हो रहा बहुमुखी विकास नई उचाईयो को छुएंगा। महेश चंद श्रीवास्तव ने कहा कि इन 45 परियोजनाओं का चयन, इनकी प्लानिंग और डिजाइनिंग पीएम मोदी के विशेष मार्ग दर्शन में हुई है। जिसमें स्पोर्ट्स, शिक्षा, स्मार्ट सिटी, डेवलपमेंट, जनकल्याण, रोड, ब्रिज इंफ्रास्टक्चर, सीवेज व वाटर सप्लाई इंफ्रास्टक्चर, पुलिस व्यवस्था, टुरिजम आदि हर एक श्रेणी के विकास की चिंता की गयी है। यही वजह है कि शहर के बुद्धिजीवियों ने काशी के चतुर्दिक विकास के लिए वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। कहा, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासतों को अक्षुण रखते हुए काशी का आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकास पीएम मोदी के प्रेरणाप्रद और कुशल मार्गदर्शन में ही सम्भव हो सका है। पूर्वी भारत के गेटवे के रूप में विकसित हो रही काशी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मिलने वाली सौगात से बदलते बनारस की सूरत में चार चांद लगेंगे। इस बार के वाराणसी दौरे में पीएम के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली योजनाओं से काशी की मूलभूत सुविधाओं का विकास होगा। इनमें सड़क, बिजली, पानी, सीवर, पर्यटन, धार्मिक पयर्टन आदि शामिल हैं। पीएम के हाथों मिलने वाली इन सौगातों से काशी का मान और बढ़ेगा।

बता दें, पर्वो का सिलसिला शुरु होने से पहले एक बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काशी जरुर आते है और विकास योजनाओं के जरिए काशीवासियों का दिल जीतने का प्रयास करते है। मतलब साफ है 2024 के शुरुआती महीनों में जब लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू होगी, तब तक प्रधानमंत्री मोदी बनारस सहित यूपी को कई सौगात दे चुके होंगे और काशी में हुए कार्यो को मॉडल के रूप में इस्तेमाल करेंगे। क्योंकि पीएम अब जहां कहीं भी लोकार्पण हो या शिलान्यास करने पहुंचते है वहां काशी विकास का सबसे बड़ा मॉडल है… कहने से नहीं चूकते। इसमें कोई दो राय नहीं की देवों के देव महादेव की नगरी काशी भारत ही नहीं पूरी दुनिया में एक अलग पहचान है। और प्रधानमंत्री उसकी खोई हुई गरिमा को लौटाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साढ़े सात साल से सांसद है, या यूं कहे चुनाव जीतने के बाद मोदी ने काशी को अपना लिया है, तो उनकी दिली इच्छा है कि काशी की साख में चार चांद लगाएं। वो ना सिर्फ हो रहा, बल्कि दिख भी रहा। इसके लिए उन्होंने काशी की संस्कृति एवं पहचान से बिना छेडछाड किए ही काशी को संजाने- सवारने में जुटे है। मकसद है काशी के सहारे पूरे देश को साधने की। उन्हें पता है कि 2014, 2017 व 2019, 2022 में इसी काशी ने उनकी एक अपील पर हारी बाजी उनके झोली में डाल दी थी। मोदी को उम्मीद है कि उनके पीएम बनने में जिस तरह काशी समेत पूरा यूपी खेवनहार बना था, वैसे ही 2024 में काशी एक बार फिर उन्हें पीएम बनायेगा। यही वजह है मोदी काशी को इतना सजा- संवार देना चाहते है कि 2024 में काशी यूपी ही नहीं, पूरे देश का ‘मॉडल‘ बने और 2024 की राह भी आसान हो सके।

काशी में बना उत्तर भारत का सबसे बड़ा किचन
उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेगा किचन अक्षय पात्र बनारस के एलटी कॉलेज में बनाया गया है. वाराणसी के 148 स्कूल के बच्चों के फिलहाल यहां से बना हुआ पौष्टिक आहार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत दिया जाएगा. इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के लिए पूरा ऑटोमेटिक किचन का निर्माण किया गया है. तीन एकड़ में यह फैला उत्तर भारत का सबसे बड़ा किचन होगा. यहां पर एक घंटे में एक लाख रोटी तैयार होगी. इसके साथ ही दो घंटे में 1100 लीटर दाल, 40 मिनट में 135 किलो चावल और दो घंटे में 1100 लीटर सब्जी तैयार की जाएगी. इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के लिए पूरा ऑटोमेटिक किचन का निर्माण किया गया है. खास तौर पर मशीनें बनायी गयी हैं. जिसमें आटा गूंथने से लेकर रोटी बनाने तक की मशीन शामिल है, दाल और सब्जी बनाने के लिए भी उन्नत मशीनों की प्रयोग किया जा रहा है. इस किचन में पूरे चौबीस घंटे में तीन सौ लोग काम करेंगे. यह लोग करीब एक लाख बच्चों का खाना बनाएंगे. पूरे किचन में साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. मसलन यदि बात चावल की करें तो पहले इसे सामान्य पानी से उसके बाद गुनगुने पानी से और फिर तीसरी बार सामान्य पानी से इसे साफ किया जाएगा. कुछ ऐसी ही सफाई सब्ज़ी और दालों के लिए भी किया गया है. मतलब साफ है काशी के सरकारी स्कूलों में अब न तो मिड डे मील के लिए खाना बनाने का झंझट होगा न रसोइये का। जिले में पढ़ने वाले 25 हजार स्कूली बच्चों को अक्षय पात्र फाउंडेशन गर्म और ताजा भोजन परोसेगा। काशी के अर्दलीबाजार में निर्मित यह रसोईघर 24 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। वाराणसी जिले में कुल 1143 परिषदीय विद्यालय है। अक्षय पात्र योजना के तहत वाराणसी के सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक किचन में बच्चों के लिए खाना बनाया जाएगा इस योजना के तहत बच्चों के अच्छा और पौष्टिक भोजन दिया जाएगा।

नई शिक्षा नीति पर लोगों से करेंगे चर्चा
पीएम मोदी सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में नई शिक्षा नीति पर देशभर के शिक्षाविदों को संबोधित करेंगे. इसके बाद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा में जनसभा को भी करेंगे संबोधित करने की योजना है. प्रधानमंत्री कुछ विशेष लोगों से मुलाकात कर सकते हैं. पीएम मोदी के हाथों लोकार्पित व शिलान्यास वाली परियोजनाओं से काशी के लोगों का जीवन आसान बनने के साथ आधुनिक सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा। प्रदेश में पहला पीपीपी मॉडल पर जरुरतमंदों के लिए बनकर तैयार फ्लैट की रजिस्ट्री के कागजात व चाबी भी पीएम मंच से सौंपेंगे।

नमो घाट का करेंगे लोकपर्ण
साल 2019 में पीएम मोदी ने नमो घाट का उद्घाटन किया था। नमो घाट को दो चरणों में बनाया गया है। नमो घाट काशी का पहला ऐसा घाट होगा जो जल, थल और वायु मार्ग से जुड़ा होगा। सूर्य नमस्कार को समर्पित इस घाट को 34 करोड़ की लागत से बनाया गया है। नमो घाट करीब आधा किमी लंबा है जिसमें मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल को प्रमोट किया गया है। इस घाट पर गेल इंडिया ने फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन भी बनाया है। यहां से पर्यटकों को बनारस की गंगा आरती, वॉटर एडवेंचर, संध्या आरती, योग आदि देखने को मिलेगी। इस घाट से क्रूज के जरिए वाराणसी और आसपास के इलाकों में लोग आसानी से जा सकेंगे। मतलब साफ है पीएम के हाथ मिलने वाली इन सौगातों से काशी का मान और बढ़ेगा। कारण, सूर्य नमस्कार (योग) को समर्पित नमो घाट ना सिर्फ पर्यटकों को रिझाएगा बल्कि काशी के खूबसूरत घाटों की शृंखला में एक कड़ी और जोड़ेगा। घाट काशी का पहला ऐसा घाट होगा जहां जल, थल और नभ मार्ग एक साथ जुड़ेगा। यहां कृत्रिम कुंड है। इसके अलावा इस घाट से ही सीएनजी नावों का संचालन होगा और पीएम मोदी 500 सीएनजी इंजनयुक्त नावों को हरी झंडी दिखाएंगे। इसी घाट पर फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन भी बनाया गया है। यह पीएम मोदी का दूसरा ड्रीम प्रोजेक्ट है।

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यहां भव्य आयोजन हुआ था। यह घाट दुनियाभर के सैलानियों के लिए काशी में एक नया ठौर बनेगा। राजघाट से सटे नया बनकर तैयार नमो घाट पर्यटकों की सुविधाओं को खास ख्याल रखकर बनाया गया है। यहां वाहन पार्किंग से लेकर चिल्ड्रेन पार्क और सेल्फी प्वाइंट तक की व्यवस्था की गई है। यहां पहले से ही 25-25 फीट के तीन स्कल्पचर स्थापित हैं और यहां आने वाले पर्यटकों के बीच सबसे पसंदीदा हैं। पर्यटन के लिहाज से अपने आप में अनूठा है। यहां पर्यटक सुबह-ए-बनारस का नजारा देख सकेंगे। करीब 21000 स्क्वायर मीटर में पूरे क्षेत्र का निर्माण हुआ है। जो लगभग आधा किमी लंबा है। निर्माण में मेक इन इंडिया का विशेष ध्यान दिया गया है। इस घाट पर वोकल फॉर लोकल भी दिखेगा। दिव्यांगजन और बुजुर्गों के लिए मां गंगा के चरणों तक रैंप बना है। ओपेन थियेटर है, लाइब्रेरी, बनारसी खान पान के लिए फूड कोर्ट हैं। जेटी से बोट के जरिये काशी विश्वनाथ धाम जा सकेंगे। फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन है। यहां मल्टीपर्पज प्लेटफॉर्म होगा। जहां हेलीकॉप्टर उतरने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो सकता है।

कला और संस्कृति से भरपूर होगा ‘नाइट मार्केट’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मोके पर क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं का एलान करेंगे. इनमें से एक वाराणसी के लोगों को रात्रि बाजार के रूप में नया तोहफा भी मिलेगा. लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे रात्रि बाजार वाराणसी की कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेगा. रात्रि बाजार के लिए सुविधाओं को विकसित करने की अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ रुपये है. वाराणसी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रात्रि बाजार फ्लाईओवर के नीचे 1.9 किमी पर लगाया जाएगा. लहरतारा-चौकाघाट तक का फ्लाईओवर वाराणसी कैंट स्टेशन और अंतर्राज्यीय बस स्टेशन जैसे शहर के महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरता है. वाराणसी कैंट स्टेशन से बाहर आने के तुरंत बाद यात्रियों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को फ्लाईओवर के खंभों और दीवारों पर पेंटिंग और लैंडस्केपिंग से शहर की छवि देखने को मिलेगी. बाजार में सार्वजनिक सुविधाओं के उद्देश्य से शौचालय, पेयजल, स्ट्रीट फर्नीचर जैसे बेंच, कूड़ेदान और सूचना कियोस्क जैसी सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं. फ्लाईओवर के नीचे बागवानी, पब्लिक प्लाजा, वॉकिंग ट्रेल, फुटपाथ का भी निर्माण किया गया है. यातायात के सुचारु संचालन के लिए जेब्रा क्रॉसिंग, ट्रैफिक साइनेज, दोनों तरफ मीडियन यू-टर्न, पैदल यात्री क्रॉसिंग और ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और पार्किं ग आदि प्रावधान किए गए हैं.

 

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