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पावर एक्सचेंज पर भी अब 12 रुपये यूनिट से मंहगी बिजली नहीं बेची जा सकेगी, विद्युत नियामक आयोग का बड़ा फैसला

लखनऊ: पावर एक्सचेंज पर अब कोई भी घराना 12 रुपये प्रति यूनिट की सीलिंग कानून का उल्लंघन कर महंगे दर पर बिजली नहीं बेच सकेगा। केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है। आयोग ने विदेशी कोयले से बिजली उत्पादन करने वाली इकाइयों की प्रति यूनिट अधिकतम लागत का आंकलन करते हुए यह आदेश दिया है कि ये कंपनियां भी 12 रुपये प्रति यूनिट से अधिक दर पर एक्सचेंज पर बिजली नहीं बेचेंगी।

टीएएम पर 12 रुपये से महंगी बिजली बेच रही थीं कंपनियां

पावर एक्सचेंज के प्लेटफार्म डे हेड मार्केट (डीएमएड), रियल टाइम मार्केट (आरटीएम) तथा टर्म अहेड मार्केट (टीएएम) सबको इस आदेश का पालन करना होगा। गौरतलब है कि एक अप्रैल को केंद्रीय नियामक आयोग ने डीएमएड व आरटीएम पर अधिकतम 12 रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिजली बेचने की सीलिंग तय कर आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद भी जब देश में बिजली की मांग में इजाफा हुआ तो कई कंपनियों ने टीएएम से 12 रुपये से अधिक दर पर बिजली बेची।

यूपी से उपभोक्ता परिषद और कारपोरेशन चेयरमैन ने की थी शिकायत

उ.प्र. विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा केंद्रीय ऊर्जा सचिव, केंद्रीय नियामक आयोग और मंत्रालय से की। मांग की थी कि सीलिंग से अधिक दर पर बिजली बेचे जाने पर रोक लगाई जाए। इसके बाद उ.प्र. पार कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने भी सीलिंग से अधिक दर पर बिजली बेचे जाने पर रोक लगाते हुए सभी पर यह नियम लागू किए जाने की बात की। उत्तर प्रदेश से भेजे गए इन पत्रों को ऊर्जा मंत्रालय ने 29 अप्रैल को केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग को भेज दिया था। शुक्रवार को केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग की पूर्ण पीठ ने टीएएम पर 13 रुपये से लेकर 17 रुपये प्रति यूनिट के दर से बिजली बेचने के मामले पर दो दिन में रिपोर्ट तलब करते हुए टीएएम पर भी 12 प्रति यूनिट की सीलिंग लगा दी गई।

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